fundamental analysis of stocks in Indian stock market tutorial 2 Hindi me

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fundamental analysis

 fundamental analysis  tutorial 2  in Hindi

 

हमने पहले fundamental  analysis tutorial  १ में  ये जाना हे की fundamental  analysis  क्या हे और उस के तिन component   EPS   , PE  RATIO   और BOOK  VALUE  के बारे में जाना हे, अब में यहाँ आपको fundamental  analysis  के बाकि के component  के बारेमे बतावुगा.

Important component of fundamental analysis क्या हे ?

 

DEBT EQUITY RATIO:-

Debt: –   यहाँ कंपनी का जोभी डेब्ट (कर्ज) होता हे, जैसे की अपने business expansion के लिए कंपनी loans (ऋण) लेती हे,

तो दो तरह की लोन होती हे जैसेकि secured  loan  और unsecured  loan , अब कंपनी की सारि loans  के total  amount  को हम company  का debt  बोलते हे.

Equity: –  अभी इक्विटी में कंपनी की इक्विटी अमाउंट और रिज़र्व अमाउंट दोनो के अमाउंट का टोटल लेते हे.

DEBT EQUITY RATIO की फार्मूला:-

DEBT EQUITY RATIO = DEBT / EQUITY

फॉर example:-  एक कंपनी के पास टोटल debt 3 करोड़ हे, और equity 6 करोड़ हे,

3 करोड़/ 6 करोड़= 0.5

अब यहाँ डेब्ट इक्विटी रेश्यो 0.5 हे,

तो fundamental analysis के लिए हमेंDEBT EQUITY RATIO से ये पता चलता हे की कंपनी ने ज्यादा तर asset और बिज़नेस expansion, कैसे equity से ली गई हे या फिर ज्यादा loans ले के ली गई हे,

अगर DEBT EQUITY RATIO 1 से ज्यादा हे तो कंपनी ने loans ज्यादा हे और ये आगे जाके प्रॉब्लम कर सकते हे,

और अगर DEBT EQUITY RATIO 1 से कम हे तो कंपनी ने ज्यादा तर asset loans न लेके equity से लिए हे, तो ये company फ्यूचर के लिए अच्छा हे.

Profit Margin

profit margin समझने के लिए profit को समजते हे, जैसेकि profit मतलब की ,
total revenue – total expenses = profit .

अब अगर revenue rs . 2००००० हे, और अगर expenses rs .15०००० हे, तो यहाँ पे प्रॉफिट rs . 5०००० हे,

अब प्रॉफिट मार्जिन के लिए हमें हमारी नेट इनकम जैसे की ऊपर के example में rs . 5०००० हे, उसको divide करना हे total sales revenue से.

तो अब अगर यहाँ पे टोटल सेल्स rs . 2००००० हे ,

तो फार्मूला के हिसाब से 50000/200000= 0.25 * 100= 25 %

तो यहाँ पे profit margin 25 % हे.

तो profit margin से fundamental analysis के लिए हमें ये पता चलता हे की कंपनी की per dollar sales के सामने profit कितनी हे,

कई बार देखा गया हे की कंपनी की sales बहुत ही अच्छी होती हे, लेकिन सामने उनका expenses बहुत ही ज्यादा होता हे , जिसकी बजे से Profit Margin पे effect पड़ता हे,

एक example से समजते हे,

Net income after deducting expense from revenue = rs . 100000/-

total sales revenue :- rs .1000000/-

expenses on sales and advertisement and other expenses =rs . 900000/-

प्रॉफिट मार्जिन= 100000/1000000= 0.1*100= 10% .

यहाँ पर प्रॉफिट मार्जिन सिर्फ 10 % हे, अगर आप देखोगे तो यहाँ sales बहुत ही अच्छी हे, लेकिन कंपनी ने अपने expense और cost को control नहीं किया हे , जिसकी बजे से Margin पे pressure आ रहा हे, और मार्जिन घट गया हे.

तो यहाँ पे हमें ये समज में आता हे की कोई अच्छी कंपनी को अपने sales revenue बढ़ाने के साथ साथ अपने expense cost को भी control करना जरुरी हे.

आपने अगर देखा हो तो जब कभी भी कंपनी का रिजल्ट आता हे और मार्जिन कम आता हे तो कंपनी का शेयर प्राइस गिरने लगता हे.

Return On Equity

Return on Equity मतलब की shareholder की equity पे कंपनी ने कितना Profit generate किया हे.

यहाँ पैर आप को अपने नेट Profit को shareholders equity से divide करना हे तो आपको यहाँ पैर Return on Equity मिल जायेगा.

Example :– कंपनी नेट income हे 10 करोड़, और shareholders equity हे 20 करोड़.

ROE = 10/20 = 0.5

यहाँ पर कंपनी ने SHAREHOLDER की EQUITY पे 0.5 ( 50%)  ROE Generate किया he.

अगर ROE YEAR ON YEAR बढ़ रही हो तो वो FUTURE के लिए अच्छा हे, और आगे और PROFIT हो सकता हे, और अगर ROE YEAR ऑन YEAR घट रही हे तो वो अच्छा नहीं हे.

तो यहाँ पे मेने आपको fundamental  analysis के 6 बहुत ही IMPORTANT COMPONENT के बारे में बताया हे, जिसको आपने टीवी चैनल्स पे बहुत बार सुना होगा.

आप और भी बहुत कुछ Company के बारे में देख सकते हो जैसे की कंपनी का BUSINESS  MODEL  कोनसा हे, कंपनी के Customer base कौन हे, कंपनी के competitor और कंपनी अपने competitor के सामने कहा पर खड़ी हे,  कंपनी का Management कैसा हे एक अच्छा मेनजमेंट ही Company को आगे ला
सकते हे.

फिर आप market cap देख सकते हो, जैसे की ऑटो कंपनी में मारुती का market cap बहुत ही बढ़िया हे.

आप ये भी देख सकते हो की फ्यूचर में कंपनी के प्रोडक्ट्स का ग्रोथ कैसा रहेगा , क्या इसकी फ्यूचर में डिमांड रहे गई की नहीं.

तो इस तरह से आप शेयर मार्किट में शेयर्स को purchase करने के लिए फंडामेंटल एनालिसिस करते हो. मतलब की कंपनी के बारे में डिटेल में सब जानते हो.

दोस्तों अगर आपको ऊपर का सब component की फार्मूला अगर याद नहीं रहती हे तो आपको टेंशन लेने की जरुरत नहीं हे क्योकि ,अब हमें ये सब ready made मिलता हे,

उसके लिए आप https://www.screener.in/ और http://www.moneycontrol.com/ का use कर सकते हो.

आप निचे का Money control में Asian paints  का स्क्रीन शॉट देख सकते हो जिसमे, ऊपर का सारे important component  fundamental analysis के लिए आ गए हे.

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