fundamental analysis of stocks in Indian stock market tutorial 1 Hindi me

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fundamental analysis of stocks in Indian stock market

हेलो दोस्तों अगर आप fundamental analysis of stocks क्या हे, और fundamental analysis of stocks कैसे करते हे , ये जानना चाहते हे तो आपको ये मेरा ब्लॉग बहुत ही काम आएगा.

आप सब जानते हे की Indian stock market  में fundamental analysis  का बहुत ही Important हे, लेकिन ये जानने में आया हे की बहुत सारे ऐसे traders और investor हे जिनको ये नहीं पता हे की fundamental analysis हे क्या?

मेने कई लोगो से सुना हे की fundamental analysis मतलब की कंपनी की Balance sheet और Income statement  देखना, कई लोग ये भी बताते हे ई कंपनी का future Predict  करना. तो ये थोड़ा बहुत सही हे, लेकिन as trader और investor इन Indian stock market हमारे लिए ये बहुत ही जरुरी हे की हमें डिटेल में fundamental analysis के बारेमे जानकारी हो.

fundamental analysis of stocks in Indian stock Market क्या हे ?

fundamental analysis करना मतलब की अगर आप स्टॉक मार्किट में stock Purchase करना चाहते हो तो,

purchase करने से पहले ये तय करना की कौन सी कंपनी का stock में लु? और अगर ये कंपनी का स्टॉक लेता हु तो में ये ही company का stock क्यों लु?

आप शेयर लेके एक तरह से कंपनी में इन्वेस्ट करते हो और आप जरूर ये चाहोगे की शेयर लेने के बाद कंपनी को ज्यादा से ज्यादा profit मिले, तो आपके शेयर की प्राइस भी बढ़ेगी और आपको profit पे अच्छा सा dividend income भी होगा.

Profit कमाने के लिए हम यहाँ कोई कंपनी में इन्वेस्ट कर रहे हे तो हम जरूर जानना चाहेंगे Detail में की वो companyकैसी हे, उसकी Balance sheet कैसी हे, उसका future कैसा हे, उसका debt कैसा हे, कंपनी के पास Reserve कितना हे, Competitor  किनते हे, लास्ट कुछ सालो का Profit कितना हे, कंपनी कितना डिविडेंड पे कर रही हे, कंपनी cashflow, कंपनी के पास आर्डर कितने हे,कंपनी का मेनजमेंट कैसा हे, और भी बहुत कुछ हम जानना चाहेंगे.

तो कोई भी कंपनी के बारे में Detail में ये सब जानने को ही हम fundamental analysis कहते हे.

Important component of fundamental analysis क्या हे ?

आप अगर SHARE  MARKET  से जुड़े हुवे होंगे तो आपने  टीवी पे बहुत के मुह से ये सब वर्ड जरूर सुने होंगे , जैसेकि EPS , PE  RATIO , BOOK  VALUE , और ऐसे बहुत सारे, तो आइये जानते हे डिटेल में ये सब क्या हे और हमें fundamental  analysis  for stocks  करते समय कैसे काम लग सकते हे.

 Earnings per share

earning per share पे से कंपनी की profitability का पता चलता हे, क्योकि EPS का मतलब हे की PROFIT का का पार्ट जोभी OUTSTANDING shares हे उनको ALLOCATE करना.

आपको पता ही होगा की earning मतलब की profit , OR per share मतलब की एक शेयर ,

earning per share मतलब की एक share per Profit , अब अगर year by year earning per share Increase  होती हे तो कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी अच्छी हे,  क्योकि कंपनी का EPS Year by year बढ़ रहा हे.

अभी earning per share गिनते कैसे हे, तो एक example से देखते हे,

जैसेकि company का profit 100 crore हे , or Outstanding shares 50 crore हे , to यहाँ पे EPS rs. 2 हे . (100 करोड़ /50 करोड़= 2)

EARNING PER SHARE= PROFIT/OUTSTANDING SHARES

अभी समजते हे की outstanding shares हे क्या , outstanding shares मतलब की जो shares को issue किये हुवे हे or जो इन्वेस्टर के पास हे , मतलब की वो सारे shares जो अभी market में available हे जो trade के लिए available हे.

fundamental analysis of stocks in Indian stock market के लिए earning per share अगर पिछले कुछ सालो से बढ़ रहा हे तो ये आगे भी बढ़ सकता हे औरअगर हम ये शेयर लेंगे तो हमें प्रॉफिट हो सकता हे.

Price to Equity Ratio (PE RATIO)

FUNDAMENTAL ANALYSIS में STOCK को SELECT करने के लिए PE रेश्यो का ज्यादा use होता हे,

PE ratio का use share की price कितनी cheap हे या कितनी expensive हे ये compare करने के लिए होता हे,

Higher PE मतलब की share की price expensive हे or हो सकता हे की शेयर की price बहुत आगे नहीं जाएगी , या फिर थोड़ा बहुत ही आगे जाएगी.

Higher PE अगर जो industry का share हे उस industry PE से कम हे तो फिर share का price बढ़ सकता हे.

Generally bear market में stock का PE कम होता हे, or bull market में PE ज्यादा होता हे ,

अगर company का PE ratio yearly basis पे increase नहीं होता हे तो हो सकता हे आपको अच्छा return नहीं मिलेगा.

PE RATIO earning per share से related हे, क्योकि PE RATIO निकालने के लिए CURRENT MARKET PRICE को earning per share से divide करते हे ,

PE RATIO= current market price/ earning per share

एक example से देखते हे ,

Company की Current मार्किट price rs. 100 हे , or EPS rs. 2 हे तो यहाँ पे PE RATIO 50 होगा .

अगर PE RATIO high हे or आप share लेने का सोच रहे हो तो आपको fundamental analysis of stocks in Indian stock market के दूसरे सारे terms को ध्यान में रखना हे फिर ही decision लेना हे .

Price to book value

Book value का पता balance sheet से चलता हे , book value मतलब की simple account वे में की company के asset – liability = book value,

Company के asset = land, building, plant , machinery etc.

Company liability= all type of loans.

Book value को निकाल ने के लिए आप fundamental analysis के लिए balance sheet में से equity share capital or retained earnings की figure को लेके दोनों का total जो आएगा वो आपकी book value हे ,

equity share capital + retained earnings = book value

अब इस total को आप number of equity share से divide करेंगे तो आपको per share कितनी book value हे मिल जाएगी .

equity share capital + retained earnings = book value/ Number of equity shares= Book value per share

अगर share का price उसकी book value से कम हे तो वो share attractive हो जाता हे और आप उसे खरीदने का सोच सकते हो .

लेकिन देखा गया हे की जो कंपनी fundamentally  strong  होती हे उसके share  की price  book value  से हमेशा ज्यादा होती हे, या फिर आस पास होती हे, तो अगर share price कंपनी की book value  से कम हे तो आपको fundamental  analysis  के दूसरे terms  को भी चेक करना चाहिए शेयर लेने से पहले.

यहाँ पे में fundamental analysis of stocks in Indian stock market tutorial 1  का end कर रहा हु , यहाँ पर मेने fundamental analysis of stocks के तिने बहुत ही important component के बारे में बताया हे जिस का use बहुत बड़े एनालिस्ट करते हे,

 

अब आपको next tutorial २ में fundamental analysis of stocks in Indian stock market के बाकि के component जैसे की debt – equity ratio , Profit margin , return on equity और दूसरे कुछ important component के बारेमे बतावुगा, और साथ में ये भी बतावुगा की ये सब detail  एक ही जगह से कैसे लेते हे और decision  लेते हे की ये शेयर buy करे के नहीं.

 

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11 thoughts on “fundamental analysis of stocks in Indian stock market tutorial 1 Hindi me

  1. Sir me share market me naya hu ahbi mene demat account khulwaya he to please muje iske bare me batayaiye. Jaise
    nAye share kis tarh kharidne chahiye , delevery kya hota he , intraday kya hota he ,

    1. aapko share market me investment karna he to aap ko money mgt follow karna padega, or jab aap jo share kahrdana chahate hot vo top pr n leke jab kabhi bhi price down hota he tab le to aapko profit hone chances bahut hi he, or longterm me aapko profit jyada hoga agar aapne sahi or acche share purhcse kiye he to, intraday matalab ki aap aaj hi share le rahe ho or aaj hi bech rahe ho, or delivery matlab ki aap aaj share kharidte ho or phir kal ya phir mahine bad bechte ho, delivery shares aapke demat account me jama hote he, or jab vo aap bech dete ho to vo aapke demat se nikal jate he,

      me aapko advise karuga ki aap intraday na khele or long term 5 se 10 salo tak acche share leke invest kare to aapka paise banega.

  2. Main long term me achchhi company me 5 years ke liye invest karata hu to kyaa bich me 6 month 12 month me yaa aage koi profit banata hai to book karate rahena chahiye ki 5 saal tak bane rahena chahiye

    1. AAP Profit book karoge to aapko dividend ka benefit nahi milega, or sayad ho sake aapko vo or niche na mile dobara, aap pr he aapko paise ki jarurat he to book kar sakte he.

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